Full details about Village Latauna Part 01

Full details about Village Latauna Part 01


गांव लतौना के बारे में संपूर्ण जानकारी भाग 01
लतौना एक गांव है । यह गांव बिहार राज्य के सुपौल जिल्ला, अनुमंडल त्रिवेणीगंज, के अंतर्गत पड़ता है। यह बहुत बड़ा गांव है। यहाँ की सभ्यता संस्कृति विकसित है।

लतौना गांव की चौहदी:-

लतौना गांव के नजदीक यानि इसकी चौहदी में निम्न गांव है। लतौना के उत्तर दिशा में बभनगामा और लालपट्टी गांव है। इसके पूर्व में डफरका और मयूरवा है। इसके दक्षिण में लतौना दक्षिण और कसहा है। और पशिचम दिशा में महेसुआ और बभनगामा है।

लतौना गांव का इतिहास:-

लतौना गांव का इतिहास बहुत पुराना है। इस गांव का निर्माण भारत के आजादी से लगभग सौ साल हुआ था। इस गांव में अंग्रेज भी शासन कर चुके है। अभी भी यहाँ अंग्रेजो का पुराना घर है। इसीलिए इसे लतौना कोठी कहा जाता है। यह गांव मिथिला क्षेत्र के अंतर्गत आता है।


लतौना गांव की भूगोल:-

यह गांव त्रिवेणीगंज अनुमंडल में आता है। यह गांव एक हजार आठ सौ छतीस हेक्टयेर में फैला हुआ है। यहाँ लगभग पांच से सात हजार घर है। यह गांव सुपौल बाजार से 30 किलोमीटर पूर्व में है।

लतौना गांव की आवादी:-

लतौना गांव की आवादी भारत के 2011 के जनसंख्या जनगणना के अनुसार तेईस हजार व्यक्ति है। यहाँ पुरुषो की जनसंख्या 13000 है और महिलाओ की जनसंख्या 11000 है। यहाँ के क्षेत्रफल के अनुसार यहाँ की जनसंख्या घनी नहीं है। यह एक विकास कर रही गांव है।

लतौना की कास्ट(जाति):-
यह हिन्दू प्रधान गांव है। यह हिन्दीओ की संख्या अस्सी प्रतिशत है। इसके आलावा इस गांव में मुश्लिम, क्रिस्टन और सिख धर्म के लोग भी है।

लतौना गांव की खेती:-
यह गांव कृषि प्रधान है। यहाँ की मुख्य व्यवसाय खेती है। यहाँ हर तरह की फसल उगाये जाते है। यह हर मौसम में उगने वाले फसल, फल, फूल उगते है। यहाँ धान, गेहू, मक्का, पटसन, हर तरह के दाल, सब्जिया उगाये जाते है। कृषि के कारण यहाँ का वातावरण साफसुथरा एवं हरा भरा रहता है। फसलों की उगाईंऔर सिचाई के लिए वर्षा के पानी के साथ साथ वैज्ञानिक उपकरणों का प्रचुर मात्रा होती है।

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